==* दिल समझाये कभी कभी *==

रुक्सत करी जो सूरत याद आयें कभी कभी
सपनों में आकर मुझको तड़पायें कभी कभी

मुस्कान आज भी दिलमे है उनकी बसी हुई
उनकी प्यारी बाते आँख भर लायें कभी कभी

वो भूली बिसरि बातें वो हसिनसि मुलाकातें
काश उनके भी यादों में आ जायें कभी कभी

जो रख्खे है संभाले खत आज भी मैंने सारे
पढ़कर अपने भी खत वो गायें कभी कभी

खत्म करो ये किस्सा कब तक याद करेंगे
युही दिलकी बाते दिल समझायें कभी कभी
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शशिकांत शांडिले,नागपुर
भ्र.९९७५९९५४५०

14 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/12/2017
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 21/12/2017
  3. C.M. Sharma C.M. Sharma 22/12/2017
  4. Kajalsoni 22/12/2017
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 23/12/2017
  6. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 23/12/2017

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