” छूट गया” ……. काजल सोनी

थका थका सा रहता हूँ ,
मेरा दूर निकलना छूट गया ।

चलता हूँ कुछ सम्हल सम्हल कर ,
वेवक्त का फिसलना छूट गया ।

करता हूँ अपनों को याद मैं ,
पर हर वक्त का जताना छूट गया ।

कहने लगा हूँ सच्ची बातें जब से ,
लोगों के दिल में ठिकाना छूट गया ।

उलझा रहा मैं जब लोगों की भीड़ में,
मेरा खुद का घराना छूट गया ।

समझा नहीं था अकेला खुद को ,
पर अब खुद को फुसलाना छूट गया ।

सम्हाला सबके दिल को मैने ,
तो मेरा दिल ही सम्हलना छूट गया ।

थका थका सा रहता हूँ ,
मेरा दूर निकलना छूट गया ।।

” काजल सोनी ”

22 Comments

    • Kajalsoni 22/12/2017
  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/12/2017
    • Kajalsoni 22/12/2017
  2. ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 21/12/2017
    • Kajalsoni 22/12/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 21/12/2017
    • Kajalsoni 22/12/2017
  4. अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 21/12/2017
    • Kajalsoni 22/12/2017
  5. C.M. Sharma C.M. Sharma 22/12/2017
    • Kajalsoni 22/12/2017
      • Kajalsoni 22/12/2017
      • Kajalsoni 22/12/2017
  6. Arun Kant Shukla अरुण कान्त शुक्ला 22/12/2017
  7. Kajalsoni 22/12/2017
  8. Abhishek Rajhans 23/12/2017
    • Kajalsoni 23/12/2017
  9. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 23/12/2017
  10. Kajalsoni 23/12/2017
  11. Madhu tiwari Madhu tiwari 23/12/2017
  12. Kajalsoni 23/12/2017

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