पत्थर की मूरत – शिशिर मधुकर

वो नहीं पास में मेरे मुझको जिस की ज़रूरत है
हुआ हूँ आज फिर तन्हा बनी कुछ ऐसी सूरत है
घर में इंसान ही ना हों तो फिर कैसे कटे जीवन
वो तो मंदिर कहलाते हैं जहाँ पत्थर की मूरत है

शिशिर मधुकर

14 Comments

  1. अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 21/12/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/12/2017
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 21/12/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/12/2017
  3. C.M. Sharma C.M. Sharma 21/12/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/12/2017
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 21/12/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/12/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/12/2017
  5. Kajalsoni 21/12/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/12/2017
  6. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 21/12/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/12/2017