चिंतन – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

आंखों में लज्जा
होठों पर खुशी की चाहत
वाणी में मधुर आवाज़ को संजोए
हृदय में प्यार की विशालता लिए हुए
मन में सद्भाव सत्य विचार की पवित्र भावना
पवित्र चंचल उद्देश्य
मनुष्य की मनुष्यता
मुकम्मल करता है उसे
महान बनाता है इंसान को
आत्मा की पहचान दिलाता है
इनके आवाज़ का अनुसरण करें
व्यर्थ में इसे न खोएं
चिंतन को परिपक्व करें
आस्था और विश्वास से
मिलती है एक बड़ी शक्ति
शक्ति में बस भक्ति होनी चाहिए
और फिर वह भक्ति चल पड़ती है
संसार की आत्म मंथन वाली गाड़ी में
बिना रुके भव सागर से पार हो जाता है।

4 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 19/12/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 19/12/2017
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/12/2017

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