इंतज़ार…-अरुण कुमार तिवारी

*आज भी इंतज़ार सा क्यों है…*

आज भी इंतज़ार सा क्यों है।
दिल मेरा बेकरार सा क्यों है।

इश्क का दौर मिट गया फिर भी,
भूत सर पे सवार सा क्यों है।

लाख जहमत हुई जमाने में,
अब भी छाया ख़ुमार सा क्यों है।

जख्म देना है उनकी नीयत में,
फिर हमें ऐतबार सा क्यों है।

जब कि हम साथ-साथ आयें हैं,
माजरा शर्मशार सा क्यों है।

मैं बना आम-ख़ास का किस्सा,
आज फैला अजार सा क्यों है।

दूर तुम हो गए तो जाना है,
मामला यादगार सा क्यों है।

-‘अरुण’

10 Comments

  1. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 18/12/2017
  2. अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 19/12/2017
  3. C.M. Sharma C.M. Sharma 19/12/2017
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 19/12/2017
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 19/12/2017
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 19/12/2017
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/12/2017
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 19/12/2017
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 21/12/2017

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