कोई आने वाला है

शीर्षक– कोई आने वाला है

कुछ जल रहा है
चूल्हे की आग से
कुछ जल रहा
किसी के इंतज़ार से
आँखे बह रही
किसी के याद से

बरामदे झाँक रही
खिड़कियाँ ताक रहीं
कौओं की कावं –कावं
और उसके आँखों का काजल
दरवाजे खुले हैं
ये बतलाने के लिए की
कोई आने वाला है

किवाड़ की ओट से खड़ी हुई ज़िन्दगी
पगडंडियों की लकीर को देख रही
पलकों को बिना झपकाये
बालो में गजरा लगाये
इन्तजार मिटाने
कोई आने वाला है
पिया आने वाला है — अभिषेक राजहंस

2 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 13/12/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 15/12/2017

Leave a Reply