मौन…..सी.एम्. शर्मा (बब्बू)…

तुम
मौन हो
बोलो कुछ
जानते नहीं तुम
तुम्हारे न बोलने से
रिश्ता टूट रहा है हमारा
दरार पड़ रही है दिलों में
भगवान् के लिए कुछ बोलो
मेरी सुनो अपनी कहो, कभी तो

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एक
आत्मा
चीखती है
पुकारती है
दुहाई देती है
अस्मिता की सबको
पर सब के सब मौन हैं
जुबां न खुलती न हिलती है
जंगल में भी सायें सायें होती है
पर यहां शहर के शोर भी मौन हैं

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मौन
मन की
अवस्था है
चेतन होने की
अवचेतना से परे
विचारों से परिलक्षित
अपने को निखारने की
अपने आप को संभालने की
अपने को अपनी बात कहने की
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सी.एम्. शर्मा (बब्बू)

10 Comments

  1. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 11/12/2017
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 12/12/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 11/12/2017
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 12/12/2017
  3. ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 11/12/2017
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/12/2017
    • C.M. Sharma C.M. Sharma 12/12/2017
  5. C.M. Sharma C.M. Sharma 12/12/2017
  6. Madhu tiwari Madhu tiwari 13/12/2017
  7. C.M. Sharma C.M. Sharma 14/12/2017

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