तय करें हर राह मिल -जुल

*तय करें हर राह मिल-जुल…*

हो सफल हर चाह मिल-जुल,
तय करें हर राह मिल-जुल।

इस जहां में शेष हैं जो,
मंजिलों के ख्वाब सुंदर|
हों भले दुश्वारियां पर,
कम न हो उत्साह तृणभर।
लाख बाधाएं खड़ी हों,
यत्न का निर्वाह मिल-जुल।

हो सफल हर चाह मिल-जुल,
तय करें हर राह मिल-जुल।

क्या हुआ कुछ क्षण भले ही,
हीनता ने आज घेरा।
वार खाली कुछ हुए औ,
गिर चला विश्वास तेरा।
कर चयन नव यत्न फिर से,
हो प्रबल उत्साह मिल-जुल।

हो सफल हर चाह मिल -जुल
तय करें हर राह मिल-जुल।

कोशिशों से जीत होती,
कोशिशों से हार भी है।
धार से हो वार निश्चित,
वार से ही धार भी है।
पुष्ट करके धार निकलें,
वार का संवाह मिल-जुल|

हो सफल हर चाह मिल -जुल
तय करें हर राह मिल-जुल।

राह के पत्थर सरककर,
खुद ही देते रास्ता भी।
हो अगर पक्का इरादा,
लक्ष्य से हो वास्ता भी।
सिंधु सी गहरी जटिलता,
माप लें हर थाह मिल-जुल।

हो सफल हर चाह मिल -जुल
तय करें हर राह मिल-जुल।

-‘अरुण’

8 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 10/12/2017
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 10/12/2017
  2. डी. के. निवातिया Dknivatiya 10/12/2017
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 14/12/2017
  3. C.M. Sharma C.M. Sharma 11/12/2017
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 14/12/2017
  4. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 11/12/2017
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 14/12/2017

Leave a Reply