याद कर लेना मुझे

शीर्षक–याद कर लेना

जब तेरे शहर से
कोई बावरा बादल गुजरे
तुम छत पर आ जाना
बरस जाने देना मुझे
याद कर लेना मुझे

जो ख़त पड़े है घर में
कुछ पढ़े कुछ अनपढ़े
तुम जरा उन्हें पढ़ लेना
खतों को पढ़ कर ही सही
याद कर लेना मुझे

खिडकियों से जब कोई परिंदा
तेरे कमरे में झांके
उसके पंखो को सहला देना
उसकी आँखों में देख लेना मुझे
याद कर लेना मुझे

शाम में सजना दुल्हन की तरह
देख लेना खुद को आईने में
दीये बुझा देना कमरे में
हवा जो कोई गुजरे
महसूस कर लेना मुझे
याद कर लेना मुझे –अभिषेक राजहंस

8 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/12/2017
    • Abhishek Rajhans 03/12/2017
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 04/12/2017
    • Abhishek Rajhans 07/12/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 04/12/2017
    • Abhishek Rajhans 07/12/2017
  4. Arun Kant Shukla अरुण कान्त शुक्ला 05/12/2017
    • Abhishek Rajhans 07/12/2017

Leave a Reply