कविता :- हाल-ए-हरियाणा , कवि :– अमन नैन

हे भगवान तू आ कर देख
के हाल हो गया हरियाणा का
गरीब मर गया भूख में
अमीर फुक दे लाखा ने
अनपढ़ बैठ गए
ऊँचे सिहांसन पर
ये पढ़े लिखे खावे
ठोकर घर खर की
बच्चे हो गए बड़े
अपने बड़ो को
समझन लाग गये छोटे
क्यों अपने स्वार्थ के खातिर
मिटा दी हरियाली इसकी
क्यों बुझा दी मशाल
ये भाईचारा वाली
क्यों करा नही ख्याल
इस माटी के कर्ज का
क्यों रंग लिए हाथ
अपने इसके खून में
क्यों सोच छोटी हो गयी
इस महान संस्कृति वालो की
अमन कलम गूंगी हो गए इनकी
सच्ची बात बातो को लिखने में

5 Comments

  1. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 02/12/2017
    • Aman Nain Aman Nain 04/12/2017
  2. Arun Kant Shukla अरुण कान्त शुक्ला 03/12/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 04/12/2017
    • Aman Nain Aman Nain 04/12/2017

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