वो माँ ही तो होगी

शीर्षक- वो माँ ही तो होगी
याद कीजिये वो दिन
जब आप कभी भूख से रोये होंगे
माँ समझ गयी होंगी
और आपको अपने आँचल के ओट में छिपा लिया होगा
आपको अपने सीने से लगा लिया होगा

याद कीजिये वो दिन
जब आप जोर से छींकते होंगे
वो माँ ही तो होगी
जिसने आपको काढ़ा पिला दिया होगा
अपने गोद में सिमटा लिया होगा

याद कीजिये वो दिन
जब खेल खेल में किसी से
चोट लग गयी होगी
वो माँ ही तो होगी
जो आपके लिए पूरे मोहल्ले से लड़ गयी होगी

याद कीजिये वो दिन
जब आपको नींद नहीं आती होगी
वो माँ ही तो होगी
जो आपको लोरी सुनाती होगी
नींदिया को बुलाती होगी

याद कीजिये वो दिन
जब माँ आपके लिए
रोटी बनाते हुए
अपना हाथ जलाती होगी
आपके पूछने पर सिर्फ मुस्कुराती होंगी

याद कीजिये वो दिन
आपके बीमार होने पर जो
रात-रात भर मालिश करती होंगी
आप सोते रहे
इसलिए रात भर जागती होगी

याद कीजिये वो दिन
जब आपके सलामती के लिए
वो मंदिर ,मस्जिद गुरुद्वारे जाती होगी
आपके लिए मन्नते मांगती होगी
वो माँ ही तो होगी———अभिषेक राजहंस

2 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 29/11/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 29/11/2017

Leave a Reply