नैना – गीत

नैना ” तुमको नैना में रहना , जाने को न कभी कहना
बैठा हूँ इंतजार में , तेरे प्यारे से मुखड़े के दीदार में

मेरे जीवन की एक तू ही है कहानी , और नही कुछ भी वजह
तेरे ही प्यार में दीवाने हुए , है नही खुद की परवाह
ये कहानी , रहेगी न अनजानी , इस दुनिया के दरबार मे
तेरे प्यारे से मुखड़े के दीदार में
नैना तुमको ……………………..

फूलों की लड़ियों सी झूमती हो हरदम , महकाती हो ये जहां
राहों के शूल भी बन जाते है फूल , चल देती हो तुम जहाँ
ये बागानी , ये मौजों की रवानी , खिलेगी इस गुलज़ार में
तेरे प्यारे से मुखड़े के दीदार में
नैना तुमको…………………..

जीवन के कितने है रंगीन चेहरे , मुझको तुमने ही दिखाया
खेलती हँसती ही दुनिया मे जीना , ये भी तुमने ही सिखाया
ये मुलाकातें , ये प्यारी प्यारी बातें , मुझे मिली उपहार में
तेरे प्यारे से मुखड़े के दीदार में
नैना तुमको ………………..

 

कवि – मनुराज वार्ष्णेय

2 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 27/11/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 27/11/2017

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