नारी शक्ति, अमन नैन

चाँद सा मुखड़ा
भोली सी सूरत
लगती सब को प्यारी
किस्मत दे चमका
जिसके भी है जाती
दुःख सब के ले लेती खुद
करती रौशन अपने कर्मो से
अंधकार से भरे जग को
परिवार के लिए जान
अपनी कर देती है न्यौछावर
अपनों की ख़ुशी में
अपने दुखों है छुपा लेती
न कभी है जताती हक
अपना किसी वस्तु पर
अपनी जिंदगी को है कर
देती समर्पित दूसरो के लिए
नारी के आगे तो
ईश्वर भी है झुकते
इनके गुणगान करने की
अमन ना इतनी हैसियत तेरी

10 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 21/11/2017
    • Aman Nain Aman Nain 22/11/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 21/11/2017
    • Aman Nain Aman Nain 22/11/2017
  3. Kajalsoni 21/11/2017
    • Aman Nain Aman Nain 22/11/2017
    • Aman Nain Aman Nain 23/11/2017
  4. Arun Kant Shukla अरुण कान्त शुक्ला 22/11/2017
    • Aman Nain Aman Nain 23/11/2017

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