कश्मकस…… काजल सोनी

वो दिन रात हमे सताने लगे ,
जो हम उन्हें मनाने लगे ।

वो देख हमे मुस्कुराने लगे ,
हम होश अपने गवाने लगे ।

वो कोई बात हमे बताने लगे,
हम बातों में उनकी खो जाने लगे ।

वो शर्त हमसे लगाने लगे ,
हम सब कुछ अपना हार जाने लगे ।

जब दुरीयाँ बढ़ा वो हमें रुलाने लगे ,
हम दिल को अपने ही समझाने लगे ।

वो छुड़ा के दामन हमसे जाने लगे ,
और हम प्यार फिर भी उनसे निभाने लगे ।।

” काजल सोनी ”

4 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 20/11/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/11/2017
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/11/2017
  4. Arun Kant Shukla अरुण कान्त शुक्ला 21/11/2017

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