मेरी कलम……. काजल सोनी

अगर तुम कहो, तो पास आऊँ ।
अगर तुम कहो, तो दुर जाऊँ ।
कह दो बस की मुहब्बत हैं हमसे ,
तो खुशबू बन कर, तेरी सांसों में भी बिखर जाऊँ ।।

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कोई कहता है , मुहब्बत दीवानगी हैं ।
कोई कहता है , मुहब्बत आवारगी है ।
जिसे मिला वो कहता है ,
मुहब्बत खुदा है , जिंदगी हैं ।।

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तुम्हे हमसे शिकायत है , कि हमे प्यार करना नहीं आता ।
हमे तुमसे शिकायत है , कि तुम्हे समझना नहीं आता ।
कहीं जिंदगी बीत न जाएं इसी कश्मकश में ।
तुम्हे बताना नहीं आता और हमें जताना नहीं आता ।।

……………… ” काजल सोनी “…………..

12 Comments

  1. Abhishek Rajhans 19/11/2017
    • Kajalsoni 19/11/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/11/2017
  3. Kajalsoni 19/11/2017
  4. Arun Kant Shukla Arun Kant Shukla 20/11/2017
    • Kajalsoni 20/11/2017
  5. ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 20/11/2017
    • Kajalsoni 20/11/2017
  6. C.M. Sharma C.M. Sharma 20/11/2017
    • Kajalsoni 20/11/2017
  7. Kajalsoni 20/11/2017
  8. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/11/2017

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