नई दुनियाँ

एक बार मैंने एक सपना देखा कि मैं एक ऐसी दुनियाँ में था जहाँ सभी मिलजुल रहते थे। वहाँ का वातावरण बहुत शांत था। हर जगह हरियाली थी। उस दुनियाँ में फर्क ये भी था की वहाँ कोई भी, किसी भी देश में आसानी से आ जा सकता था। वह पर कोई Visa नहीं लगता था, कोई पासपोर्ट नहीं था। मैं वहाँ बहुत सी जगहों पर घूमा, पर मैंने वहाँ कोई सिक्योरिटी नहीं देखी क्योंकि वहाँ कोई भी लड़ता नहीं था या शायद उन्हें लड़ाई के बारे में कुछ पता ही नहीं था उन्होंने कभी ये शब्द भी नहीं सुना था। वहाँ पर कोई हथियार नहीं थे। अभी मैं ये सब देख ही रहा था की मेरी नींद खुल गई और मैं जाग गया। मैं   बहुत उदास हुआ कि अभी तो मैंने वो दुनिया अच्छे से देखी भी नहीं थी नींद खुल गयी। मैं वो सपना फिर से देखना चाहता था। उस दुनिया में फिर से जाना चाहता था पर दोबारा कभी मुझे वो सपना  नहीं आया।

3 Comments

  1. Kajalsoni 19/11/2017
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 20/11/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/11/2017

Leave a Reply