रुआना आ गया – डी के निवातिया

रुआना आ गया

!

कागज़, कलम, दवात, डायरी के पन्ने,
ये सब तो अब बीते ज़माने कि बाते है
व्हाट्सप्प, ट्वीटर, फेसबुक, भी छोडो
वीडियो कॉलिंग का ज़माना आ गया !

कुछ दबे-कुचले, मैले, कागज़ के टुकड़े
मिले एक पुरानी संदूकची से मुझे आज
लिपटे हुए उनमे कुछ भविष्य के ख्वाब
देख उन्हें भूत में तब्दील, रुआना आ गया !!

!

डी के निवातिया

6 Comments

  1. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 15/11/2017
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 16/11/2017
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/11/2017
  4. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 16/11/2017
  5. Arun Kant Shukla अरुण कान्त शुक्ला 16/11/2017
  6. Kajalsoni 19/11/2017

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