हज़ारों मंजिले मिलेंगी

हजारों मंजिलें मिलेंगी तुम्हें पाने के लिए,
परेशानियां इम्तिहान लेगीं आजमाने के लिए ।
रास्ते टेढ़े-मेढ़े भले ही हों इस ज़माने के लिए ,
जिंदगी मिलती है सभी को सुलझाने के लिए।
सर्वेश कुमार मारुत

7 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 10/11/2017
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 10/11/2017
  3. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 11/11/2017
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/11/2017
  5. Arun Kant Shukla अरुण कान्त शुक्ला 11/11/2017
  6. C.M. Sharma C.M. Sharma 13/11/2017
  7. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 13/11/2017

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