पूनम की रात को भी चाँद गायब हो गया

अमावस की रात को चाँद का गायब होना
कोई बात नहीं
जहरीली हवाओं की धुंध इतनी छाई
पूनम की रात को भी चाँद गायब हो गया|

दिल में सभी के मोहब्बत रहती है

कोई नई बात नहीं

हमने मोहब्बत इंसानियत से की

ये गज़ब हो गया|

 

कहते हैं दर्द बयां करने से कम होता है
हमने बयां किया
दर्द तो कम न हुआ
लोगों ने शायर बना दिया|

 

इश्क-रश्क-माशूक की मोहताज नहीं
शायरी वो ज़ज्बा है ‘अरुण’
मशाल भी है, इंक़लाब भी है,
सरफरोशी का हौसला भी है शायरी|

अरुण कान्त शुक्ला, 8/11/2017

7 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 08/11/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 08/11/2017
  3. Arun Kant Shukla Arun Kant Shukla 08/11/2017
  4. C.M. Sharma C.M. Sharma 09/11/2017
  5. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 09/11/2017
  6. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 09/11/2017
  7. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/11/2017

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