हर कोई शायर हो गया


चमत्कार दिखाया तो नमस्कार हो गया
अमावस की रात को चाँद भी गायब हो गया
दर्द-ए-दिल पनपने लगा तो ये करिश्मा देखने को मिला
लिखने लगे सब अपनी दास्ताँ अब हर कोई शायर हो गया

9 Comments

  1. Arun Kant Shukla अरुण कान्त शुक्ला 08/11/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 08/11/2017
  3. C.M. Sharma C.M. Sharma 09/11/2017
  4. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 09/11/2017
  5. SARVESH KUMAR MARUT SARVESH KUMAR MARUT 10/11/2017

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