Teri yaaden

पल पल बदल जाते हैं लोग,

हम पागल समझ ही नही पाते।
अपने मेरी सारी यादें मिटा दी,
और हमारी यादों से कहीं नही जाते।

हम तो सोचते थे कि जिन्दगी भर हाथ ना छोड़ोगे।

नादान हैं हम हमारी नादानियों से मुख न मोडोगे।

 

हर पल आपकी ख़ुशी के बारे में सोचकर  मगन रहते थे।

कोई कष्ट आप पर ना आये इसलिए आपका कष्ट सहते थे।

ऊपर वाले से मांगना कुछ और होता था पर दुआ आपके लिए निकलती थी।

खुदा कष्ट आपको देता था और आँखे हमारी रोती थी।

किसी काम में मन नही लगता था मन हर पल आपको निहारने का करता था।

हमारा दिल तो किसी और ने भी माँगा , पर ये तो आप पर ही मरता था।

हम सीढ़ियों पर बैठे रहते और आपकी राह तकते थे।

हमे मालूम ही नही था क्यों हम आपका इंतज़ार करते थे।

आपको देखे बिना हमारे अछे दिन की सुरिआत नही होती थी।

जब तक आप ना मुस्कुराते हमारे होठों पर मुस्कुराहट नही होती थी।

हमसे एक दिन किसी ने पूछा ‘किसका इंतज़ार करते हो’ ।

क्यों बैठते हो सीढ़ियों पर और किस पर मरते हो।

हम कभी इस सवाल का जवाब नही दे पाते थे।

थोड़ा सा मुस्कुराते और चले जाते थे।

कभी कभी सोचती थी कि आपको सब बता दूं

पर डर लगता था कही आपको खो न दू।

आप हमारे साथ मुस्कुरा कर बोलते हो रूठ ना जाओ।

हमारी इस हरकत से हमारे बुलाने पे भी न आओ।

बस आपके लिये यही सोचकर चुप रह जाते थे।

आपसे कहने की बात खुद से ही कह जाते थे।

इंतज़ार करते करते हमारे 3 साल बीत गए।

जब आपने हमे अपना कहा तब लगा हम जीत गए।

पर मालूम नही था कि ये खुशिया कुछ पल के लिए होगी।

हमारी खुशियों से जागी किस्मत फिर से सोएगी।

ऐसी कौन सी मजबूरी हो गई जो हमे कि छोड़ गए।

हमारे प्यार का धागा यूँ पल में तोड़ गये।

जिस मोड़ पर छोड़ कर गए थे वहां से रोज गुज़रते  है।

आपके उन जाते हुये पैरों की आहट रोज सुनते है।

अब तो बस इंतज़ार करते है और सोचते है कब आओगे।

हमे हमारी गलती बता कर गले से लगाओगे।

3 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 07/11/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 07/11/2017
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/11/2017

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