काला राक्षस-15

कहाँ है आदमी ?
यह नरमुंडों का देश है

डार्विन की अगली सीढ़ी —

प्रति मानव

सबके चेहरे सपाट

चिंतन की क्षमताएं क्षीण

आखें सम्मोहित मूर्छा में तनी हुई

दौड़ते दौड़ते पैरों में खुर निकल आया है

कहाँ है आदमी ?

प्रति मानव !

Leave a Reply