कब तक – अनु महेश्वरी

कब तक चलता रहेगा यह सब,
अपने फायदे की सोचती, सोच,
कब विराम लगेगा, इस पे,
कब तक समाज और सरकार को,
दोषी ठहराते रहेंगे हम,
कब अपनी ज़िम्मेदारी समझेंगे,
कब तक बहकावे में आते रहेंगे,
क्यों नहीं इस्तेमाल करते अपना विवेक,
क्यों हम बचते रहते अपनी जिम्मेदारियों से,
कब तक सुनते रहेंगे बेमतलब की बहस,
कब तक अपनी आँखो पे पट्टी बांध,
न देखने का दिखावा करेंगे,
क्या बुरा न देखने से,
सब कुछ ठीक हो जाएगा?
कब तक अपने कान पे हाथ रख,
बुरा न सुनने का दिखावा करेंगे,
क्या बुरा न सुनने से,
सब कुछ ठीक हो जाएगा?
अब समय आगया,
अपनी आँखे खोलने का,
बुरा देखना अगर नहीं है,
बुरा होने से रोकना भी सीखना है,
बुरा सुनना अगर नहीं है,
बुरा बोलने वालो को भी रोकना है,
माना की बहुत मुश्किल है,
पर नामुमकिन तो नहीं है….

 

अनु महेश्वरी
चेन्नई

16 Comments

  1. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 03/11/2017
    • ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 04/11/2017
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 03/11/2017
    • ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 04/11/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 03/11/2017
    • ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 04/11/2017
  4. Arun Kant Shukla अरुण कान्त शुक्ला 03/11/2017
    • ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 04/11/2017
  5. Ram Gopal Sankhla Ram Gopal Sankhla 03/11/2017
    • ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 04/11/2017
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 04/11/2017
    • ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 04/11/2017
  7. Madhu tiwari Madhu tiwari 04/11/2017
    • ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 04/11/2017
  8. nitesh banafer nitesh banafer 05/11/2017
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 05/11/2017

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