गर ‍ठहर जाता उस पल तो आज सम्हल न पाता,
बस भाग रहा हूं खुद से, यही मेरा सम्हलना है।

नितेश बनाफर(कुमार आदित्य)

4 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 26/10/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 27/10/2017

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