स्‍वप्‍न देखा था कभी : अटल बिहारी वाजपेयी

स्‍वप्‍न देखा था कभी जो आज हर धडकन में है

        एक नया भारत बनाने का इरादा मन में है

एक नया भारत, कि जिसमें एक नया विश्‍वास हो

जिसकी आंखों में चमक हो, एक नया उल्‍लास हो

हो जहां सम्‍मान हर एक जाति, हर एक धर्म का

सब समर्पित हों जिसे, वह लक्ष्‍य जिसके पास हो

एक नया अभिमान अपने देश के जन-जन में है

        एक नया भारत बनाने का इरादा मन में है

बढ रहे हैं हम प्रगति की ओर, जिस रफतार से

कर रहा है नमन, यह विश्‍व भी उस पार से

पर अधूरी है विजय जब तक गरीबी है यहां

मुक्‍त करना है हमें अब देश को इस भार से

एक नया संकल्‍प सा अब तो यहां जीवन में है

        एक नया भारत बनाने का इरादा मन में है

भूख जो जड से मिटा दे, वह उगाना है हमें

प्‍यास ना बाकी रहे, वह जल बहाना है हमें

जो प्रगति से जोड दे, ऐसा सडक ही चाहिए

देश सारा गा सके वह गीत गाना है हमें

एक नया संगीत देखो आज कण-कण में है

        एक नया भारत बनाने का इरादा मन में है

 

-अटल बिहारी वाजपेयी

13 Comments

  1. nitesh banafer nitesh banafer 26/10/2017
    • Ram Gopal Sankhla Ram Gopal Sankhla 30/10/2017
  2. Ram Gopal Sankhla Ram Gopal Sankhla 26/10/2017
  3. Ram Gopal Sankhla Ram Gopal Sankhla 26/10/2017
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 26/10/2017
    • Ram Gopal Sankhla Ram Gopal Sankhla 30/10/2017
  5. C.M. Sharma C.M. Sharma 27/10/2017
    • Ram Gopal Sankhla Ram Gopal Sankhla 30/10/2017
  6. Arun Kant Shukla अरुण कान्त शुक्ला 27/10/2017
  7. Arun Kant Shukla अरुण कान्त शुक्ला 27/10/2017
    • Ram Gopal Sankhla Ram Gopal Sankhla 30/10/2017
  8. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 27/10/2017
    • Ram Gopal Sankhla Ram Gopal Sankhla 30/10/2017

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