मैं खामोश तो नहीं

ये जो खराशें हैं मेरी रूह की सूरत पे
ज़ख्मों का हिसाब तो नही
ना ही गिनती मेरी शिकस्तों की
तरासा है मेरी शख्शियत को इन्ही खराशों ने
ये मेरी पहचान पे सवालिया निशान तो नही।

 

2 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 21/10/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 21/10/2017

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