बिन पटाखे दिवाली सून

प्रदूषण की आड़ में बंद कर दी आतिशबाज़ी l
बोले ना होगा धुआँ ना होती पैसो की बर्बादी ll
समझ नहीं आता क्या प्रदूषण यही फैलता है l
सिगरेट का धुआँ, पर्यावरण स्वच्छ बनता है ?

एक तरफ आतिशबाज़ी का निर्माण करवाते हो l
उससे टेक्स वसूल कर अपना राजस्व बढ़ाते हो ll
फिर कहते है इसकी कोई भी बिक्री नहीं करेगा l
जो खरीद चुका है ,उनकी भरपाई कौन करेगा ll

करना है तो आतिशबाज़ी का निर्माण बंद करो l
करना है तो बीड़ी,सिगरेट का बनाना बंद करो ll
करना है तो ईद पर, कोई बकरे न काटे जाये l
करना है तो पहले गंदगी, के ढेर हटाए जाये ll

प्रदूषण को यदि सच में कम करना चाहते है l
रोको उनको जो प्रतिदिन प्रदूषण फैलाते है   ll
दिवाली तो साल में सिर्फ एक बार ही आती है l
बिन फुलझड़ी के क्या दिवाली मनाई जाती है ll

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18 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 17/10/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 17/10/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 17/10/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 17/10/2017
  3. sarvajit singh sarvajit singh 17/10/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 17/10/2017
  4. ANU MAHESHWARI Anu Maheshwari 18/10/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 18/10/2017
  5. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 18/10/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 18/10/2017
  6. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 18/10/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 18/10/2017
  7. C.M. Sharma C.M. Sharma 18/10/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 18/10/2017
  8. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 18/10/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 18/10/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 18/10/2017

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