अभी बांकी हूँ तुझमे

थोडा सा ही सही
अभी बांकी हूँ तुझमे
तू पलके उठा तो जरा
मैं भर दूंगा रंग सारे
रंग मैं तेरा , रंगीला तेरा

जुल्फों को झटका के
तुम बदरिया बनो
मैं बरसूँ मेघ बन के तुझमे
भींगा दूँ तुझे इस सावन में
थोडा सा हीं सही
अभी बांकी हूँ तुझमे
आधा -अधुरा मैं तेरे बिना
आ जाओ ना
भर दूँ मैं माँग तेरा
कर दूँ श्रींगार तेरा
आलिंगन पाश में तू बांध ले मुझे
रस साथ का तू पिला दे मुझे
अभी बांकी हूँ
थोडा सा ही सही
तू जतला दे
तू दिखला दे—–अभिषेक राजहंस

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/10/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 16/10/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 17/10/2017

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