मैं याद आऊँगा

शीर्षक – मैं याद आऊँगा
ये सच है
मैं तेरे अब काबिल नहीं
मेरे प्यार में तेरा ऐतबार नहीं
अब दिल का दिल से करार नहीं
पर याद रखना
जैसे तुमने मुझे
नजरो के तीर चलाकर छला
जुल्फे झटका कर मुझे ठगा
प्यार के अफ़साने गाए
कोई तुम्हे भी
अँधेरे में छोड़ जाएगा
रौशनी मिलेगी नहीं तुम्हे
मेरे हिस्से के आंसू बहा देना
तुम्हे नहीं पता
तुमने दर्द दिया है कैसा
हर रात अमावस होती है
मेरा प्यार तुम्हे मजाक लगता है
मेरा इंतज़ार तुम्हे बकवास लगता है
पर याद रखना
कोई तुम्हे भी इस आग में जला जाएगा
तुम्हे बार -बार तड़पाएगा
जैसे मैं जी रहा तेरे दर्द को
तुम तो जीते जी मर जाओगी
उस पल
मैं याद आऊंगा
चला जाऊँगा तुमसे इतनी दूर
तुम पुकारोगी तो सही
लेकिन मैं लौट ना पाऊंगा
मैं याद आऊंगा
मैं बस याद आऊंगा—अभिषेक राजहंस

9 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 15/10/2017
    • Abhishek Rajhans 16/10/2017
      • C.M. Sharma C.M. Sharma 16/10/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/10/2017
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 16/10/2017
  4. Arun Kant Shukla अरुण कान्त शुक्ला 16/10/2017
    • Abhishek Rajhans 16/10/2017
  5. Arun Kant Shukla अरुण कान्त शुक्ला 16/10/2017
  6. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 17/10/2017

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