तुम्हे याद हो , या याद न हो

शीर्षक–तुम्हे याद हो ,या याद ना हो

कभी हमने तुमको चाहा था
कभी हम थे तेरे आसमां
कभी तुम थी मेरी जहां
तुम्हे याद हो या याद न हो
कभी नजरो का करार था
कभी जिया मिलन को बेकरार था
कभी बेपनाह तुमसे प्यार था
कभी तुम्हे ऐतबार था
तुम्हे याद हो या याद न हो
कभी तेरा नशे में सरोबार था
कभी तेरा तलबगार था
इकरार था , ना इनकार था
कभी मैं तेरा प्यार था , इजहार था
तुम्हे याद हो या याद न हो— अभिषेक राजहंस

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