कितना तड़पाओगी

मुझे यूँ अकेले छोड़कर
तुम अकेले ना रह पाओगी
मेरे प्यार के खुशबू के बिना
तुम साँसे भी ना ले पाओगी
अपने कदमो के तले
मेरे प्यार के फूल रखे बिना
तुम दो कदम भी चल ना पाओगी
मेरे आंसुओं को
तुम अपने आँखों से
बहने से ना रोक पाओगी
अपने हाथो में
मेरे प्यार की लकीर को
तुम मिटा ना पाओगी
मेरे चिता की राख में
सिर्फ मेरे प्यार की
चिंगारी देख पाओगी
अरे ! अपना लो मुझे
नहीं तो इस दुनिया में
सिर्फ बेवफा कहलाओगी
आखिर तुम मुझे
कितना तड़पाओगी—–अभिषेक राजहंस

3 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 10/10/2017
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 11/10/2017
  3. sarvajit singh sarvajit singh 12/10/2017

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