बेटा तुम लौट आना

शीर्षक-बेटा तुम लौट आना

जैसे पंछी अँधेरे होते लौट आते
तुम भी घर लौट आना
बेटा तुम लौट आना
इस दिवाली लौट आना
अपने हाथो से दीये जलाना

सुना है
शहरों में रौशनी बहुत है
बेटा अपने बाबा के लिए
आँखों की रौशनी खरीद लाना
बेटा तुम लौट आना

सुना है
शहरों में मिनरल वाटर पीते है सब
घर के पिछवाड़े का आम का पेड़ सूख गया है बेटा
थोड़ी पानी उसे भी पिला देना
उसकी हरियाली लौटा देना
बेटा तुम लौट आना

सुना है
शहरों में भीड़ बहुत है
बेटा भीड़ में गम ना हो जाना
गाँव का रास्ता भूल मत जाना
बेटा तुम लौट आना

सुना है
शहरों में बीमारी का इलाज़ बहुत है
बेटा दम फूलने की बिमारी जाती नहीं
शहर से सांस खींचने वाला पंप लेते आना
तुम मेरी सांस बन कर आना
सांस टूटने से पहले आना
बेटा तुम लौट आना
बेटा घर लौट आना—अभिषेक राजहंस

8 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 08/10/2017
    • Abhishek Rajhans 09/10/2017
  2. sarvajit singh sarvajit singh 08/10/2017
    • Abhishek Rajhans 09/10/2017
  3. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 09/10/2017
    • Abhishek Rajhans 09/10/2017
  4. Arun Kant Shukla अरुण कान्त शुक्ला 09/10/2017
    • Abhishek Rajhans 09/10/2017

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