चिड़ियों को हम पास बुलाते हैं–Raquim Ali

एक ज़माना था, खूब याद है-
वह ज़माना बचपन का था;
धान न खा पाए चिड़िया रानी
चिड़ियों को जब हम भगाते थे।

एक ज़माना अब यह आया
तरस रहे हम, आ जाए चिड़िया
दाना दे कर, पानी रख कर
चिड़ियों को हम पास बुलाते हैं;

वक्त व हालात बदलते रहते हैं
नज़ारे हमेशा, ठहरे नहीं रहते
वक्त और हालात के साथ-साथ
नज़ारे अक्सर बदल जाते हैं।

और, बदल जाते हैं
देखने- सुनने
सोचने-समझने
एहसास के अंदाज़ भी।
…..र.अ. bsnl

8 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 07/10/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 07/10/2017
  3. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 07/10/2017
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 07/10/2017
  5. raquimali raquimali 07/10/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/10/2017
  6. C.M. Sharma C.M. Sharma 09/10/2017
  7. raquimali raquimali 09/10/2017

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