वक़्त

थक गयी हूँ माँ ,
कोई लोरी सुना दो ना,
बचपन की उस नींद को ,
फिर से वापस बुला दो ना ,

ज़माना बीत गया ,सुकून से सोए हुए,
तुझसे लिपट कर ,
मन की बात कहे हुए ,
छुपा ले माँ अपने आँचल मे,
ज़िक्र कर बस उस लम्हे का ,
जो बचपन की   याद दिलाए ,
देख माँ ,कैसे मेरी गुड़िया मुस्करा रही है ,
इंतज़ार है उसको ,अपने श्रंगार का ,
कैसे समझाऊं उसको वो वक़्त फिर नहीं आएगा ,
जो मेरी नादानियों के किस्से सुनाएगा ,

थक गयी हूँ माँ ,
कोई लोरी सुना दो ना।

11 Comments

  1. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 01/10/2017
    • shalu verma shalu verma 02/10/2017
  2. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 02/10/2017
    • shalu verma shalu verma 02/10/2017
  3. Vikram jajbaati Vikram jajbaati 02/10/2017
    • shalu verma shalu verma 02/10/2017
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 02/10/2017
    • shalu verma shalu verma 02/10/2017
  5. Shipra Agarwal 02/10/2017
    • shalu verma shalu verma 03/10/2017

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