हर घड़ी ख़ास होती है (२) – शिशिर मधुकर

मुहब्बत ज़िंदगी में जब किसी के पास होती है
उमंगें दिल में रहती हैं घड़ी हर ख़ास होती है

दौर अच्छे बुरे तो हर किसी जीवन में आते हैं
मुहब्बत हर इक लम्हें के लिए मिठास होती है

झगड़ना रूठना और मान जाना चलता रहता है
मुहब्बत दिल में बस जाए तो ना खटास होती है

लाख तड़पा करें वो संग उनको मिल ही जाता है
जिन सीनों में इसे पाने की सच्ची प्यास होती है

लाख बदले यहाँ मौसम और बढ़े कितनी दुश्वारी
सब घड़ियां उल्फत में मधुकर मधुमास होती है

शिशिर मधुकर

12 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 01/10/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/10/2017
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 01/10/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/10/2017
  3. C.M. Sharma C.M. Sharma 01/10/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/10/2017
  4. sarvajit singh sarvajit singh 01/10/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/10/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/10/2017
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 03/10/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/10/2017

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