हर घड़ी ख़ास होती है – शिशिर मधुकर

मुहब्बत ज़िंदगी में जब किसी के पास होती है
उमंगें दिल में रहती हैं हर घड़ी ख़ास होती है

ज़िंदगी जीने की खातिर दूर रहना भी पड़ता है
मिलेंगे ज़ल्द ही फिर से मन में ये आस होती है

चलोगे जिस डगर कांटे सदा राहों में आएंगे
मुहब्बत बस वहाँ पे फूलों का एहसास होती है

मुहब्बत तुमसे कितनी है ये मैं बोलो कहूँ कैसे
हर तरफ तेरी खुशबू ही मुझे एहसास होती है

मुहब्बत बाँटता है जो घृणा को छोड़ कर पीछे
“मधुकर” ये दुनिया भी उसी की दास होती है

शिशिर मधुकर

14 Comments

  1. kiran kapur gulati Kiran kapur Gulati 30/09/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 30/09/2017
  2. sarvajit singh sarvajit singh 30/09/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 30/09/2017
  3. SALIM RAZA REWA SALIM RAZA REWA 30/09/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 30/09/2017
  4. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 01/10/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/10/2017
  5. C.M. Sharma C.M. Sharma 01/10/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/10/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/10/2017
  6. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 03/10/2017
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/10/2017

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