एहसास…

बचपन में नन्हे कदमों का एहसास .
चलते- चलते लुढ़कने का एहसास .
किसी अपने के कंधे पर बैठकर , दुनिया की सेर करने का एहसास .
वो सौंधी मिटटी को चखने का एहसास .
पहली बारिश में छाप- छपाक का एहसास .
कागज़ की नाव तैराने का एहसास .
घर की गलियों में खेलते पकड़म – पकड़ाई का एहसास .
किताबों के बोझ का एहसास .
सफलता और असफलता का एहसास .
उम्र के साथ बढ़ती जिम्मेदारियों का एहसास .
अपने बचपन से , अपने बच्चे होने तक का एहसास .
हर मोड़ ज़िन्दगी का एक नया एहसास हैं .
ज़िन्दगी इसीलिए तो इतनी खास हैं .

12 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 21/09/2017
    • "sadashubhani" nivedita "sadashubhani" nivedita 02/10/2017
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 21/09/2017
    • "sadashubhani" nivedita "sadashubhani" nivedita 02/10/2017
  3. Niharika Mohan 21/09/2017
    • "sadashubhani" nivedita "sadashubhani" nivedita 02/10/2017
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 22/09/2017
    • "sadashubhani" nivedita "sadashubhani" nivedita 02/10/2017
  5. C.M. Sharma C.M. Sharma 22/09/2017
    • "sadashubhani" nivedita "sadashubhani" nivedita 02/10/2017
  6. Arun Kant Shukla अरुण कान्त शुक्ला 22/09/2017
    • "sadashubhani" nivedita "sadashubhani" nivedita 02/10/2017

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