इस बरसात में

इस बरसात में

पहली बार बारिश हुई इस बरसात में
पहली बार भीगी सहर देखी इस बरसात में,

पहली बार सड़कें गीली देखीं इस बरसात में
पहली बार कीचड़ सने पाँव धोये आँगन में इस बरसात में,

पहली बार साँसों में सौंधी खुशबू गई इस बरसात में
पहली बार कच्छा-बनियान नहीं सूखीं इस बरसात में,

सूखी तो गुज़री हैं अनेकों बरसातें बरसात में
पहली बार खड़ी फसलें बर्बाद देखीं इस बरसात में,

उमस के मौसम तो देखे अनेकों बरसात में
पहली बार उमस को बरसते देखा इस बरसात में,

सावन की झड़ी और भादों की बारिश तो बिसरी यादें हैं
पहली बार जेठ की तपती दुपहरी देखी इस बरसात में,

काले काले बादलों को उमड़ते-गरजते-चमकते तो देखा हर बरसात में
‘गरजने वाले बरसते नहीं’ पहली बार सच होते देखा इस बरसात में,

अरुण कान्त शुक्ला
20 सितम्बर, 2017

8 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/09/2017
    • Arun Kant Shukla अरुण कान्त शुक्ला 21/09/2017
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 21/09/2017
    • Arun Kant Shukla अरुण कान्त शुक्ला 21/09/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 21/09/2017
    • Arun Kant Shukla अरुण कान्त शुक्ला 21/09/2017
  4. C.M. Sharma C.M. Sharma 22/09/2017
  5. Madhu tiwari Madhu tiwari 25/09/2017

Leave a Reply