दर्द बयाँ कर दे अपना

दर्द बयाँ कर दे अपना
रोता तोह हर इंसान है
खुद से आगे बढ़ने की ख्वाहिश
रखना भी एक इम्तिहान है
गिरती इन बूंदों पे तोह
नहीं टिका तेरा ये ईमान है
क्यों घबराता है तू
मंजिल को पाने की ये उड़ान है
गिर कर ही तोह उठना है
यही आगे बढ़ने की पहचान है
अगर बिना गलतियों के कोई आगे बढ़ता है
तोह वोह इंसान नहीं भगवान है
बस बढ़ना है तुझे आगे
पीछे तेरे सारा जहान है

-उदयलका

2 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 17/09/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 18/09/2017

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