हिन्द की हिंदी

शीर्षक-हिन्द की हिंदी
उपेक्षाओ के भंवर में
दम तोडती हुई
सिसकियाँ लेती हुई
अपना वजूद बचाने की जद्दोजद में
कभी अंग्रेजो की अंग्रेजी ने दम तोड़ा
कभी अपनों ने मुझसे मुहं मोड़ा
मैं हिन्द की हिंदी
कार्यालयों से निकाली हुई
अंग्रेजी सभ्यता के स्कूल ने तो
मेरी अर्थी ही निकाली
ना कोई मुझमे ढलना चाहा
ना मुझे पढना चाहा
ना समझना चाहा
मैं हिन्द की हिंदी
राजनीति ने मेरा दामन दागदार किया
जाने कैसा आकार दिया
गुड मोर्निंग , have a nice day जैसे शब्दों से मुझे शर्मसार किया
मेरे जज्बातो का व्यापार किया
मेरी भावनाओं को तिरस्कार किया–अभिषेक राजहंस

4 Comments

  1. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 15/09/2017
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 15/09/2017
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 15/09/2017
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 16/09/2017

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