अद्भुत रंग बिरंगे धागे

ये अद्भुत रंग बिरंगे धागे
खींचें मुझे और लेकर भागें
है हर रंग निराला इनका
कामनाओं से भी हैं भरपूर
है सतरगीं दुनिया ये सारी
कभी उभारे कभी कर दे चूर
उन्माद भरे कभी रंग सुन्हरा
डूबे विषाद में तो समन्दर गहरा

हल्के रंगों का आनंद है अपना
लगे जीवन जैसे हो सपना
हल्के गहरे रगों में डूब
हुए हम मस्ती में चूर

खीँचें हर पल मुझे ये धागे
रहें ये आगे ,हम पीछे भागें
है संसार इन्हीं की मानिन्द
आनन्द हर रंग क अपना २
न आएँ पकड़ में जीवन बीते
फिर भी रहें हाथ रीते के रीते

अद्भुत रंगो का जाल सजाया
सात रंगो का मेल कराया
रंगो का भरपूर आनंद उठाया
पर हर रंग ने हमें भरमाया
धागों का जाल हाथ न आया
डूबा जो रंगों में समाया
बाहर फिर वो निकल न पाया
है अद्भुत मेला रंगों का यह
पल पल जिसने हमें बहलाया

16 Comments

  1. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 15/09/2017
  2. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 15/09/2017
  3. C.M. Sharma C.M. Sharma 15/09/2017
  4. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 15/09/2017
  5. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 15/09/2017
    • kiran kapur gulati kiran kapur gulati 15/09/2017
  6. रणदीप चौधरी 'भरतपुरिया' Randeep Choudhary 15/09/2017
    • kiran kapur gulati kiran kapur gulati 15/09/2017
  7. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 15/09/2017
    • kiran kapur gulati kiran kapur gulati 15/09/2017
  8. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 16/09/2017
    • kiran kapur gulati kiran kapur gulati 16/09/2017
  9. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 16/09/2017
  10. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 16/09/2017
  11. Meena Bhardwaj meena 19/09/2017
  12. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 19/09/2017

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