कविता क्या है ? (मुक्ता शर्मा)

कविता क्या है?

विचारों की रेल

भावनाओं के डिब्बे

और शब्दों का सार्थक खेल

लौकिक से आलौकिक तक

सच्चाई की जमीन  हो तो

क्या कमाल है कविता

इस अनुसंधान में अगर

शब्द कुछ तीर भी हों

शब्द कुछ ओस की बूँदें

तो क्या डर

बहने दो निर्झरी

रोको मत ,जो रुक गई

जो झुक गई

नहीं वह सच्ची कविता

दे दो शब्दों को उनकी  आजादी

उड़ने दो शब्दों को उनकी उड़ान

बस शर्त यह है कि

देव के चरणों  में बिछने

और राक्षस को बेंधने की

क्षमता रखे

बस बने सजीव न बने बेजान

तो उड़ने दो उड़ने दो

न शिथिल हो उड़ान ।।

मुक्ता शर्मा

14 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 14/09/2017
    • mukta mukta 05/03/2018
  2. C.M. Sharma babucm 14/09/2017
    • mukta mukta 05/03/2018
  3. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 14/09/2017
    • mukta mukta 05/03/2018
  4. Ram Gopal Sankhla Ram Gopal Sankhla 14/09/2017
  5. Ram Gopal Sankhla Ram Gopal Sankhla 14/09/2017
    • mukta mukta 05/03/2018
    • mukta mukta 05/03/2018
  6. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 14/09/2017
  7. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 14/09/2017
    • mukta mukta 05/03/2018

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