आँसू,,😭😭😭

आँसू
——————

न कीई वादा मगर,कहो आओ
इन पलकों को भी रहने दो
अब ना भिंगाओ,,,,,,,
सुनी है
सुना-सुना सा आँगन
इन पलकों को रहने दो
अब ना भिंगाओ,,,,,,,,,
हमसे कियु हो ख़फा तुम
इन रात की कालीन भी पुछे आकर
कियु उदास से रहते हो तुम
कभी तो देखो मेरे मन को बदलकर,,,,
किया मिला तुम्हें रुलाकर
इन ख़ामोश वादियों को
किया मांगते हो तसल्ली
कभी तो मुस्कुराओं मेरे
मुस्कान को पाकर,,,,,

✍✍✍ मु.जुबेर हुसैन

4 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 11/09/2017
    • md. juber husain md. juber husain 04/10/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 11/09/2017
    • md. juber husain md. juber husain 04/10/2017

Leave a Reply