किसी ने,,,

किसी ने
आते-जाते गलियो में
देख लिया किसी ने
अपनों ने तो दर्द दिया
जो दुश्मन था,बाँट लिया किसी ने

खड़ा था राह पर
राही समझ लिया था किसी ने
हुई नजरो से सरारत
नजरे तो मिली। नही मगर
नजरे चुरा लिया किसी ने

था मैं गुमसुम खड़ा
अकेला समझ लिया किसी ने
था इंतजार किसी का
और हाथ बड़ा लिया किसी ने

जितने चला था जिंदगी में
ख़ामोश खड़ा रहा हार के
अभी तो नजरें भिगों नही था आँसुओ से
और जीत का एहसास दिला दिया किसी ने

8 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 11/09/2017
    • md. juber husain md. juber husain 04/10/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 11/09/2017
    • md. juber husain md. juber husain 04/10/2017
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 11/09/2017
    • md. juber husain md. juber husain 04/10/2017
  4. shivdutt 13/09/2017
    • md. juber husain md. juber husain 04/10/2017

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