💕❤आरजू❤💕

आरजू
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दिल की थी तो आरजू
दिल में रहो तुम रूबरू
आंखों में यह जो है नमी
दिल में रही बस तेरी कमी

सुन ले जरा ये दिल की सदा
महबूब हो तुम मेरे खुदा
तू मेरा बस एक काम कर
मिला जा मुझे एहसान कर

खुद को मिला कुछ खो दिया
है जानकर दिल रो दिया
है रूबरू मैं तुम कहीं
मिल जाए वह पालू तो सही
दिल तन्हा है यूं ही में कहीं
न रह तुम, मुझ में कहीं
गम भी हूँ मैं खुद में कहीं

खो ना जाए मिलके बस
रह न जाऊ अकेला यूं ही कहीं
ढूंढती हूं बस मुझ में कमी
रह ना जाए बस दिल में तेरी कमी

एक बार बस आवाज तो दो
एक बार बस मुझे प्यार तो दो
तू हो जाए बस मुझसे रूबरू
यही है मेरी दिल की आरजू
***❤❤मु. जुबेर हुसैन❤❤***

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