तुम याद आते हो

सिर के उपर कोई हवाई जहाज गुजरता है
तो तुम याद आते हो,
जब कभी मुंह में खुजली होती है
तब तुम याद आते हो।
जहां कहीं भी जन सैलाब दिखाई देता है
तब हाथ फैलाए,
तुम याद आते हो,
तुम्हारी याद खूब सताती है,
जब कभी देखता हूं किसी को माईक पकड़े
कह रहा होता है….।
न जानें क्यों तुम्हारी याद आती है,
जब कभी कोई आईजीआई की ओर भाग रहा होता है,
तुम्हारी तो याद तब भी आती है,
जब चुडीदार पाजामा,
रंगबिरंगी कुर्ता पहन पग बांधे
मुसकी मार रही होता है।
कभी कभी सोचकर हैरान होता
कि तुम रात में सोते भी हो या नहीं,
कहीं रात बिरात उठ कर,
माईक तो नहीं पकड़ने लगते हो।

7 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 07/09/2017
  2. शशिकांत शांडिले shashikant shandile 07/09/2017
  3. kaushlendra 08/09/2017
  4. C.M. Sharma babucm 08/09/2017
  5. Rakhi sharma 08/09/2017
  6. md. juber husain md juber husain 10/09/2017

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