“वादा”

एक वादा था तुमसे
जो खेल खेल में कर दिया
जमीं पे तारे और पूनम के चाँद का ।
काम जरा मुश्किल सा था
मगर बात जिद्द की भी थी ।
गुलमोहर के नीचे
स्याह रात में बड़े जतन से
मुट्ठी भर जुगनू लाकर छोड़े हैं ।
तारों की चमक तो आ गई
बस पूनम के चाँद की कमी है ।
तुम्हारे आने से वह कमी भी पूरी हो जाएगी
और जो बात अब अधूरी सी है
वो बाद में पूरी हो जाएगी ।

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“मीना भारद्वाज”

16 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 02/09/2017
    • Meena Bhardwaj meena 02/09/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/09/2017
    • Meena Bhardwaj meena 02/09/2017
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 02/09/2017
    • Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 02/09/2017
  4. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 02/09/2017
    • Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 02/09/2017
  5. raquimali raquimali 02/09/2017
  6. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 03/09/2017
  7. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 03/09/2017
  8. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 03/09/2017
    • Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 05/09/2017
  9. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 04/09/2017
  10. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 05/09/2017

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