ईद-उल-जुहा

ये त्याग , समर्पण का है त्यौहार l
इसे ईदे करबा भी कहते है, यार l
किसी बड़े जानवर की दे कुर्बानी l
अल्ला से जताते है अपना प्यार ll

मैं हर धर्म की करता हूँ, इज्जत l
कहना चाहता हूँ तुमसे एक बार l
मत मारो इन बेजुबानों को तुम l
इनमे भी अल्ला बसता है यार ll

देनी ही हो अगर तुम्हें कुर्बानीl
अहम् व गुरुर का त्याग करो l
अल्लाह के है, यहाँ सब बन्दे l
जानवर व इंसा से प्यार करोll

वो लेता नहीं , वो देता है सबको l
सभी में उसी का अंश समाया हैl
जानवर को भी जीने का हक़ है l
ईद-उल-जुहा त्योहार आया है ll
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13 Comments

    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 02/09/2017
  1. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 01/09/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 02/09/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/09/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 02/09/2017
  3. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 02/09/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 02/09/2017
  4. C.M. Sharma babucm 02/09/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 02/09/2017
  5. Madhu tiwari Madhu tiwari 02/09/2017
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 02/09/2017
  6. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 04/09/2017

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