दावत — डी के निवातिया

दावत

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मुबारक हो आपको बकरीद की दावत आई है
ऊँट,गाय,भैस, बकरो की फिर सामत आई है
हजरत इब्राहिम के हालात क्या थे कौन जाने
जीवो पर दया के बदले क्यों ये आफत आई है !!
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डी के निवातिया

16 Comments

  1. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 01/09/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 22/09/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 22/09/2017
  2. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 01/09/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 22/09/2017
  3. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 01/09/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 22/09/2017
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/09/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 22/09/2017
  5. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 02/09/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 22/09/2017
  6. C.M. Sharma babucm 02/09/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 22/09/2017
  7. Madhu tiwari Madhu tiwari 02/09/2017
    • डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 22/09/2017

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