चलो मेरे संग…सी.एम्. शर्मा (बब्बू)…

स्पर्श
आईना है
अंतर्मन का
प्यार, घृणा का
अपने होने न होने का
ज़िन्दगी में जीवन बाकी है
मौत अभी जीती नहीं है हमसे
आह्वान है संभलने संभालने का
\/
स्पर्श
माँ का
बच्चे को
प्राण संचार
आभास जीवन का
सृष्टि साकार होने का
आरंभ है एक नए युग का
आह्वान है संभलने संभालने का

\/

चलो
मेरे संग
उस जहां में
ज़िंदा जहां ज़िन्दगी
गुनगुनाती है ज़िन्दगी
हाथों में हाथ हर किसी का
जात पात धर्म से ऊपर उठकर
विसर्जन मेरे तेरे का करती ज़िन्दगी
चलो मेरे संग उस जहां ज़िन्दगी ज़िंदा यहाँ

 II सी.एम्. शर्मा (बब्बू) II

16 Comments

  1. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 01/09/2017
    • C.M. Sharma babucm 04/09/2017
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 01/09/2017
    • C.M. Sharma babucm 04/09/2017
  3. Madhu tiwari Madhu tiwari 01/09/2017
    • C.M. Sharma babucm 04/09/2017
    • C.M. Sharma babucm 04/09/2017
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/09/2017
    • C.M. Sharma babucm 04/09/2017
  5. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 01/09/2017
    • C.M. Sharma babucm 04/09/2017
  6. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 01/09/2017
    • C.M. Sharma babucm 04/09/2017
  7. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 01/09/2017
    • C.M. Sharma babucm 04/09/2017

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